तेरी हाथों की मेहेंदी में लिख दूं अपना नाम
तेरी हाथों की मेहेंदी में लिख दूं अपना नाम
इन रगों के बहते खून से करून हमारे प्रीत को सलाम
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तेरी आँखों की आसूंओं से सजाऊँ दुनिया सारी
बूँद बूँद सागर में मिलाऊँ प्यार सारी
न यह प्यास रहेगी न मैं प्यासा
दिल में बस जाओ तुम बस यही है दिल की आशा
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कर दूं अपने आप को इस तरह तेरे हवाले
कर दूं अपने आप को इस तरह तेरे हवाले
के याद न आए ,जग सारा न याद आए दुख सारे
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इन ज़ख्मों से बहता हुआ खून तुझे बुलाए
इन रातों के सापनो में तू ही याद आए
कही तनहा न कट जाए ज़िन्दगी
यही सोचकर दिल घबराए ....
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